वाह रे साहिब, तेरी ‘माया’ अपरम्पार! बिना सिर पैर वाले दस्तावेज, जहां ‘रजिस्ट्रर्ड’ हो सकते हैं…

वाह रे साहिब, तेरी ‘माया’ अपरम्पार! बिना सिर पैर वाले दस्तावेज, जहां ‘रजिस्ट्रर्ड’ हो सकते हैं…

जालन्धर (लखबीर)

वैसे तो किसी भी सरकारी दफ्तर में काम करवाना खाला जी का वाड़ा साबित होता है पर जालन्धर का एक ऐसा दफ्तर भी है, जहां सब कुछ करवाना आसान है पर आपको उसकी कीमत जरूर चुकानी पड़ेगी। जी हां, तहसील में सब रजिस्ट्रार दफ्तर में पैसे दो चाहे प्रापर्टी संबंधी कितनी भी कमी वाला दस्तावेज क्यों न हो उसे दर्ज करवा लो। जी हां, सब रजिस्ट्रार दफ्तर-2 में कुछ दिन पहले इस तरह का दस्तावेज दर्ज किया गया, जिस का कोई सिर पैर ही नहीं था। हैरानी की बात है यह है कि बिना किसी सैर पैर वाले दस्तावेज अगर दर्ज होते रहेंगे तो प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

दफ्तर में हुआ था खूब हंगामा…

वैसे तो सब रजिस्ट्रार दफ्तर-2 में कई बार तू-तू मैं-मैं वाली स्थिती बन चुकी है पर कुछ दिन पहले दर्ज हुए बिना सिर पैर वाले दस्तावेज को लेकर भी काफी हंगामा देखने को मिला था।

‘माया’ करवाती है ऐसे काम…

दफ्तर में माया कारण बहुत सारे इस तरह काम भी हो जाते हैं, जो कि भी हालत में नहीं सकते हैं। माया यानि कि नोटों की झलक देखने के लिए अधिकारी हर तरह की गेम खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं।

अब दर्ज होगी शिकायत…

बिना सिर पैर वाले दस्तावेज की शिकायत हो सकती है क्योंकि महानगर की सिरमौर संस्था के अधिकारियों ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोलने का विचार बना लिया है। अगर शिकायत दर्ज हो जाती है तो साहिब के साथ-साथ कई अन्यों के फंसने की भी पूरी उम्मीद है।