आरटीए दफ्तर के बाहर हंगामा, एमवीआई के प्राइवेट करिंदे की हाथापाई

आरटीए दफ्तर के बाहर हंगामा, एमवीआई के प्राइवेट करिंदे की हाथापाई

जालन्धर (लखबीर)

आरटीए दफ्तर के बाहर दो युवकों में बहसबाजी हो गई। बहसबाजी जल्दी ही हाथापाई का रूप धारण गई। जानकारी देते हुए अतुल भगत ने बताया कि गौरव नामक युवक को आपने किसी जानकार के 5 हजार रुपए व गाड़ी पासिंग का काम दिया था पर कई दिनों तक न तो काम हुआ तथा न ही पैसे वापिस दिए गए। उसने बताया गौरव ने उसने यह कह कर काम लिया था कि वह एमवीआई दफ्तर में सरकारी मुलाजिम है तथा उनका काम जल्दी निपटा देगा। अतुल ने कहा कि कल भी इसी सिलसिले में एमवीआई दफ्तर गया था पर वहां पता चला कि गौरव सरकारी मुलाजिम नहीं है बल्कि एक प्राइवेट करिंदा है, जो लम्बे समय से लोगों को ठगता आ रहा है तथा सरकारी रिकार्ड से छेड़छाड़ कर रहा है। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी एमवीआई दफ्तर से निकलवाई जा सकती है। अगर काल डिटेल निकलवाई जाए तो साफ हो जाएगा कि कितनी बार काम के संबंध में गौरव के साथ बात हो चुकी है। आज वह इसी संबंधी आरटीए को शिकायत देने के लिए आया था जहां गौरव ने उससे बहसबाजी करते हुए गाली गलौज किया तथा उसे कहा कि वह जो करना है कर ले उसे कोई पैसा वापिस नहीं दिया जाएगा। अतुल अनुसार गौरव ने उसे जाति सूचिक शब्द भी बोले। अतुल ने कहा कि इस संबंधी आपने भाईचारे के लोगों को सूचित कर दिया गया है तथा जल्दी ही विभाग को शिकायत सौंपी जाएगी। इस संबंधी एमवीआई से बात करने की कोशिश की पर उन्होंने ने फोन नहीं उठाया।

ट्रांसपोर्ट होने कारण काम के लिए आया था- गौरव

इस संबंधी गौरव अरोड़ा ने कहा कि वह काम के लिए आरटीए दफ्तर आए थे, जहां उसके साथ हंगामा हो गया। उसने कहा कि वह एक ट्रांसपोर्टर है तथा काम के सिलसिले के लिए विभिन्न दफ्तरों में आता जाता है। उसने कोई गाली गलौज नहीं किया है।