जाली लाइसैंस घोटाला… पुलिस स्कैंडल के एक मुख्य साजिशकर्ता को भूली या…

जालन्धर (लखबीर, विशाल)

ट्रांसपोर्ट महकमे में हुए लाइसैंस के फर्जीवाड़े कारण विभाग कांप उठा है। चाहे इस संबंधी विभाग के सीनियर अधिकारी ने कोई बयान नहीं जारी किया है पर पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए मामले की कापी जारी कर दी है, जिसमें 8 लोगों को आरोपी बनाते हुए आईपीएस की धाराओं 420, 465, 467, 468, 471 व 120-बी तहत एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही अभी ओर अरोपियों की धड़पकड़ होने की संभावना भी जताई गई है।

3 दिन का रिमांड…

पुलिस ने स्कैंडल के मास्टरमाइंड शिवी समेत आठों आरोपियों का 3 दिन का रिमांड हासिल किया है ताकि ओर खुलासे हो सके। पुलिस अनुसार इस स्कैंडल अधीन अभी ओर भी कई लोग फंस सकते हैं।

करोड़ों कर चुके अन्दर…

शिवी एडं कंपनी से बरामद सामान से साफ होता है कि वह लम्बे समय से इस काम को अंजाम देते आ रहे थे। जिस लाइसैंस के आधार पर कार्रवाई हुई है, वह भी 2015 का बना हुआ है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उक्त आरोपी कितने समय से गलत काम करते आ रहे थे तथा एक लाइसैंस बदले 25 हजार लेने से साबित होता है कि वह अब तक करोड़ों रुपए कमा चुके हैं।

फगवाड़े वाले को कैसे भूली पुलिस…

वहीं सवाल है कि जिस जाली लाइसैंस के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, वह फगवाड़ा के अधिकारी जारी किया गया है क्योंकि उस पर एसडीएम फगवाड़ा लिखा गया है पर उसी पर जो हस्ताक्षर हुए हैं, वह जालन्धर के पुराने के अधिकारी हैं। फिल्हाल पुलिस अपने अगले कदम में फगवाड़े के मुलाजिमों पर भी शिकंजा कस सकती है।

क्या-क्या बरामद हुआ शिवी एडं कंपनी से…

पुलिस ने शिवी एडं कंपनी से बड़ी मात्रा सामान बरामद किया है, जिसमें आधे छपे 150 आधार कार्ड, 146 साफ लाइसैंस कार्ड, 181 वोटर कार्ड, 90 अलग-अलग वाहनों की आरसी, 5 प्रिंटर, 2 लैपटाप, एक सीपीयू व एक सक्रीन बरामद की है। इन दस्तावेजों से साफ होता है उक्त आरोपी लम्बे समय से इस धंधे को अंजाम देते आ रहे थे।