महानगर का एक दफ्तर जहां 10 हजार में बिकता है ‘जमीर’

महानगर का एक दफ्तर जहां 10 हजार में बिकता है ‘जमीर’

जालन्धर (लखबीर)

वैसे तो सूबे के सरकारी दफ्तरों में कभी-कभार गड़बड़ घोटाले होना संभव सी बात है पर जालन्धर का एक ऐसा विभाग है, जहां रोजाना लोगों की खाल उधेड़ी जा रही है। ऐसा नहीं कि यह शोशन नया हो पर लोगों से लूट दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। जी हां, ये दफ्तर कोई ओर नहीं बल्कि तहसीलदार (सब रजिस्ट्रार) के हैं, जहां चाहे गरीब हो या अमीर उसे लागान भरनी ही पड़ती है।

पैसा दिखाओ मुर्दों को भी रजिस्ट्रड करवाओ…

कुछ समय पहले सरकार ने दोनों तहसीलों का काम एक ही अधिकारी को सौंप रखा था, जिस दौरान शहरी व गांव के लोगों को एक ही दफ्तर में हाजरी भरनी पड़ रही थी, इस दौरान भी रिश्वतखोरी का खेल चर्म सीमा पर था। लोगों की भीड़ व वसीका नवीसों की कानों में होने वाली बातों के चलते बहुत सारे गलत कामों को भी अंजाम दे दिया गया। इस दौरान स्वर्ग में बैठे लोगों की भी रजिस्ट्रीयां कर दी गईं, जिस संबंधी कुछ लोगों ने शिकायतें भी दर्ज करवा रखी हैं। जिसका सबूतों सहित खुलासा भी जल्दी किया जाएगा।

10 हजार में बिकता है जमीर…

तहसीलदार दफ्तर में शरेआम चल रही रिश्वतखोरी पर सीनियर अधिकारियों या विजीलैंस विभाग ने कभी कार्रवाई नहीं की, जबकि विजीलैंस पटवारियों या अन्य पर कभी-कभार कार्रवाई करती जरूर दिखाई दी पर इन बड़ी मच्छलियों पर सीनियर अधिकारी तथा विजीलैंस चुप्पी धारे बैठी है। लोगों की मानें तो इन दफ्तरों में 10 हजार में जमीर बिक रहा है क्योंकि इनमें से एक अधिकारी न गरीब देखता है तथा न ही उसके हालात, उसे तो बस लक्ष्मी माता के दर्शन करवाकर कोई भी काम करवा सकते हैं। हैरानी है कि इस अधिकारी के कई स्टिंग आप्रेशन तथा शिकायतें होने के बावजूद भी उसके हौसले पूरे बुलंद हैं।

आर.सी. भी कमा रहे मोटा माल…

जानवरों से प्यार करने वाले इस अधिकारी की हमेशा आरसी ढाल बनते आ रहे हैं। आरसी भी वसीका नवीसों से बाहर ही सैटिंग कर माल अन्दर कर रहे हैं। इतना ही नहीं यह अधिकारी खुद पैसों की मांग करता है तथा किसी की सिफारिश को भी सिर्फ पैसों से ही तोलता है। जनता को कैसे लूटा जा रहा है इसका खुलासा पूरे सबूतों सहित किया जाएगा।