सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में हलचल शुरू, विजीलैंस ने करवाई वीडियोग्राफी, एनटी व रजिस्ट्री कर्लक पर भी लटकी तलवार

महानगर में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में हलचल शुरू हो गई है। बतादें कि वक्फ बोर्ड की जमीन को सैन्ट्रल गवर्नमैंट की शो करके रजिस्ट्रीयां करवा ली गईं थी। इस पूरे मामले में तहसील के दो महार्थियों की भूमिका मुख्य रही। तहसील के रिर्काडकीपर व एक नंबरदार ने अपनी पत्नियों के नाम सरकारी जमीन की र्जिस्ट्रीयां करवा कर सरकार के साथ-साथ प्रशासन से भी दिन दिहाड़े लूट मचाई है। इस मामले में रजिस्ट्रीयां करने वाले नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री कर्लक का नाम भी उछल रहा है क्योंकि दस्तावेजों से शरेआम खिलवाड़ करके काम को अंजाम दिया गया था। सरकारी जमीन की रजिस्ट्रीयां नहीं हो सकती थीं पर नायब तहसीलदार व रजिस्ट्री कर्लक ने मोटी रकम के चलते सारे कानूंनों को छिक्के पर टांग कर रजिस्ट्रीयां कर दीं। बतादें कि रजिस्ट्रीयां करने दौरान फर्द को भी खंगालने की कोशिश नहीं की गई।

सेल सर्टीफिकेट से भी खिलवाड़ …………

बतादें कि रजिस्ट्रीयां दर्ज करते समय अधिकारी ने इतनी बेप्रवाही से काम किया कि दस्तावेजों के साथ लगे सेल सर्टीफिकेट की जांच करना भी मुनासिफ नहीं समझा, जबकि सेल सर्टीफिकेट इस मामले मुख्य दस्तावेज माना जाना चाहिए था, जिससे साफ होता है कि इन रजिस्ट्रीयों दर्ज करते समय अधिकारी की क्या मानसिकता रही होगी। माहिरों की मानें तो सरकारी जमीन की इन तीन रजिस्ट्रीयों में सेल सर्टीफिकेट नंबर नहीं डाला गया है जबकि उसमें सिर्फ वर्ष का वेरवा देकर काम समेटने की कोशिश की गई है।

विजीलैंस ने भी शुरू की हलचल……….

इस मामले में विजीलैंस विभाग को शिकायत पहुंच चुकी है जिसके चलते विभाग ने भी अपनी कार्रवाई आरंभ दी है। विजीलैंस ने इस मामले से संबंधत खसरा नंबरों की वीडियोग्राफी करवा ली है, जिससे साबत होता है कि जल्दी ही विजीलैंस इस मामले से पर्दा उठाने जा रही है। अगर विजीलैंस विभाग पार्दशित से काम करे तो कईयों पर पर्चे दर्ज हो सकते हैं, इसमें इन ठगों की पत्नियां भी फंसती दिखाई दे रही हैं।