सब फड़े जाणगे ते सब जेल जाणगे…. कौन है मैनी और सलूजा… तीन महिलाओं के साथ मिलकर घुमाई करोड़ों की गेम…..

जालंधर (ब्यूरो) –
जालंधर की तीन महिलाओं के चेहरे से नकाब उतरने जा रहा है, जिनहोंने 11 करोड़ की सरकारी जमीन का गेड़ा घुमा दिया। इनकी तस्वीरें व काली करतूतों का पर्दाफाश जल्द ही रोजाना न्यूज 24 करने जा रहा है।

शहरवासियों द्वारा इस माफिया गैंग की महिलाओं के चेहरे से नकाब उतरने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। मीडिया के एक खेमे में खुशी भी पायी जा रही है, जो मीडिया में पनप रहे भू माफिया को बेनकाब करने का इंतजार कर रहे हैं। अब आते हैं अंदर की बात पर, इस पूरी गेम प्लान के पीछे मैनी व सलूजा नामक बंदों का नाम आ रहा है, जिनहोंने कागजातों का लेखा जोखा तैयार किया। यह दोनों कौन हैं, इनके असली नाम क्या है, उनका जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

अब आते हैं बात पर… करोड़ों रूपये की जमीन मास्टर तारा सिंह नगर में पड़ी थी, जिस पर नजर मीडिया ​की एक हस्ती पर पडी, उसने आगे एक वसीका नवीस से बात की और फिर विभाग के अंदर बैठे एक क्लर्क तक मामला पहुंचा, मोटा माल देखकर मोटे मोटे बंदों का मुंह पानी से भर गया। तीनों ने अपनी अपनी पत्नियों को आगे कर दिया। तीनों महिलाओं ने अपने अपने शौहर की काली करतूतों के धंधे का बोझ उठाने की ठान ली और मैदान में कूद गयी। करोड़ों रुपये का माल देखकर तीनों बेशर्मों ने इतना भी नहीं सोचा कि अपनी बीवियों को काले धंधे में उतार रहे हैं। खैर बात तो मोटे रुपयों की थी। बाद में वक्फ बोर्ड की जमीन को सेंटर की जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करवा ली गयी, जिसको अंजाम तक एक पत्रकार ने पहुंचाया। जिसकी एवज में पत्रकार महोदय को गिफ्ट भी मिला।

अंदर की बात है कि दस्तावेजों केे पूरे खेल में मैनी व सलूजा की भूमिका ठोक के रही ओर उनहोंने इसकी एवज में माल भी वसूला। यह मैनी और सलूजा कहां काम करते हैं, इनके बारे में जल्द ही खुलासा होगा। डीसी वरिंदर कुमार शर्मा इमानदार अधिकारी के रूप में जनता के बीच है लेकिन यह 11 करोड़ का मामला अब उनकी साख पर बट्टा लगाने जा रहा है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या डीसी इस काले खेल में खुद को साफ कर निकलने का दम रखते हैं। उनके अधिकारी करणदीप भुल्लर ने तो ​​इंतकाल खारिज कर बता दिया कि तीनों महिलाओं के इस काले खेल का वह हिस्सा नहीं बनेगे। खैर, अब तीनों शातिर महिलाओं की तस्वीरों को हमारी न्यूज वेबसाइट जल्द ही जारी करेगी, जिनहोंने करोड़ों रुपये का काला खेल खेला। इसके साथ ही जिन जाली दस्तावेजों सहारे करोड़ों डकारे गए हैं भी सामने लाए जाएंगे तांकि इनका साथ देने वाले कलर्कों या अधिकारियों के चेहरे से भी नकाब उतारा जा सके।