तहसील के एक साहिब…जिन्होंने रिश्वत के लिए लगा रखी है लाल डायरी

तहसील के एक साहिब…जिन्होंने रिश्वत के लिए लगा रखी है लाल डायरी

जालन्धर (लखबीर)
सरकार व प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के भ्रष्टाचार खिलाफ लिखे दावे तहसील काम्पलैक्स में बिल्कुल खोखले साबित होते आ रहे हैं। विजीलैंस विभाग व प्रशासन ने चाहे पूरे डीसी काम्पलैक्स की तमाम दीवारें भ्रष्टाचार खिलाफ लिखकर भरी हुई हैं पर डीसी, एसडीएम, विजीलैंस विभाग के नाकों तले शरेआम रिश्वतखोरी का खेला जा रहा है, जिस संबंधी तमाम अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हुए हैं। तहसील में रजिस्ट्रियों वाले विभाग की बात की जाए तो शरेआम अधिकारी आपने चेले चपाटों की सहायता से लूट मचाते आ रहे हैं।

रिश्वत का रखा जाता पूरा हिसाब-किताब…

दोनों सब रजिस्ट्रार रिश्वत के चढ़ावे के लिए किसी पर भी यकीन नहीं रखते चाहे उनके साथ बैठने वाला मुलाजम ही क्यों न हो। इतना ही नहीं रजिस्ट्री करवाने वाला अभी दरवाजे से बाहर ही निकलता है कि साहिब रिश्वत आपने-आपने चहेतों के सपुर्द करने के लिए आरसी व अन्य करिदों को आदेश जारी कर देते हैं।

एक ने लगा रखी लाल डायरी…

हैरानी की बात है कि एक साहिब ने तो रिश्वत का पूरा हिसाब रखने के लिए डायरी लगा रखी है। डायरी पर हरेक रजिस्ट्री का कोरा चिट्ठा दर्ज किया जाता है, वो भी साहिब खुद आपने हाथों से दर्ज करते हैं। यह साहिब इतने अंधविश्वासी हैं कि इन्होंने डायरी भी लाल रंग की रखी है तथा उस पर काला धागा बांध रखा है, ताकि रिश्वतखोरी के कारोबार को किसी की बुरी नजर न लग सके।

आखिर डीसी व विजीलैंस ने क्यों मूंदी आंखें…

अगर देखा जाए तो डिप्टी कमिश्नर समेत बहुत सारे सीनियर अधिकारियों के दफ्तर मौजूद हैं पर फिर भी सब रजिस्ट्रारों के हौंसले की तारीफ बनती है क्योंकि वह किसी अधिकारी की प्रवाह किए बिना रिश्तवतखोरी का गंदा खेल खेलते आ रहे हैं। लोगों की मानें कि डीसी व विजीलैंस की मौजूद में शरेआम उनसे लूट हो रही है पर वह इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।

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A Sahib of Tehsil ... who has kept red diary for bribe